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| Deshbhakti Shayari |
Deshbhakti Shayari
किसी गजरे की खुशबु को महकता छोड़ आया हूँ,
मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूँ,
मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ऐ भारत माँ,
मैं अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़ आया हूँ।
जब आँख खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो:
जब आँख बंद हो तो यादेँ हिन्दुस्तान की हो:
हम मर भी जाए तो कोई गम नही लेकिन,
मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो।
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| Shayari Desh Bhakti |
इतनी सी बात हवाओं को बताये रखना
रौशनी होगी चिरागों को जलाये रखना
लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने
ऐसे तिरंगे को हमेशा दिल में बसाये रखना
ना सरकार मेरी है ना रौब मेरा है,
ना बड़ा सा नाम मेरा है,
मुझे तो एक छोटी सी बात का गौरव है,
मै हिन्दुस्तान का हूँ और हिन्दुस्तान मेरा है,
जय हिन्द
Deshbhakti Shayari
मुझे ना तन चाहिए, ना धन चाहिए
बस अमन से भरा यह वतन चाहिए
जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए
और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये
दिलों की नफरत को निकालो,
वतन के इन दुश्मनों को मारो,
ये देश है खतरे में ए -मेरे -हमवतन,
भारत माँ के सम्मान को बचा लो!!
अब तक जिसका खून न खौला,
वो खून नहीं वो पानी है
जो देश के काम ना आये ,
वो बेकार जवानी है
मैं मुल्क की हिफाजत करूँगा
ये मुल्क मेरी जान है
इसकी रक्षा के लिए
मेरा दिल और जां कुर्बान है
देशभक्तों से ही देश की शान है
देशभक्तों से ही देश का मान है
हम उस देश के फूल हैं यारों
जिस देश का नाम हिंदुस्तान है
देश के लिए प्यार है तो जताया करो
किसी का इन्तजार मत करो
गर्व से बोलो जय हिन्द
अभिमान से कहो भारतीय है हम
खुशनसीव हैं वो जो
वतन पे मिट जाते हैं,
मर कर भी वो लोग
अमर हो जाते हैं,
करता हूँ तुम्हे सलाम
ऐ वतन पर मिटने वालो,
तुम्हारी हर सांस में बसना
तिरंगे का नसीव है।
जय हिन्द…!
Deshbhakti Shayari
अपनी धरती अपना हैं ये वतन, मेरा है मेरा है ये वतन,
इस पर जो आॅंख उठाएगा, जिंदा दफना दिया जाएगा
मुझे जान से भी प्यारा है ये वतन..
लिख रहा हूं मैं अजांम जिसका कल आगाज आयेगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा इकंलाब लाऐगा
मैं रहूँ या ना रहूँ पर ये वादा है तुमसे मेरा कि,
मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आयेगा
लुटेरा है अगर आजाद तो अपमान सबका है,
लुटी है एक बेटी तो लुटा सम्मान सबका है,
बनो इंसान पहले छोड़ कर तुम बात मजहब की,
लड़ो मिलकर दरिंदों से ये हिंदुस्तान सबका है।
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| Desh Bhakti Shayari In Hindi |
लहराएगा तिरंगा अब सारे आसमान पर
भारत का ही नाम होगा सबकी जुबान पर
ले लेंगे उसकी जान या खेलेंगे अपनी जान पर
कोई जो उठाएगा आँख हिंदुस्तान पर
कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
कुछ नशा मातृभूमि की शान का है,
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा,
नशा ये हिन्दुस्तां के सम्मान का है.
कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
कुछ नशा मातृभूमि की शान का है,
हम लहराएंगे हर जगह..
ये तिरंगा नशा ये हिंदुस्तान की शान का है।
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| Desh Bhakti Ki Shayari |
Deshbhakti Shayari
गूंज रहा है दुनिया में भारत का नगाड़ा,
चमक रहा आसमान में देश का सितारा,
आजादी के दिन आओ मिलकर करें दुआ,
की बुलंदी पर लहराता रहे तिरंगा हमारा।
कर जस्बे को बुलंद जवान
तेरे पीछे खड़ी आवाम
हर पत्ते को मार गिरायेंगे
जो हमसे देश बटवायेंगे
गुलाम बने इस देश को आजाद तुमने कराया है
सुरक्षित जीवन देकर तुमने कर्ज अपना चुकाया है
दिल से तुमको नमन हैं करते
ये आजाद वतन जो दिलाया है
जो देश के लिए शहीद हुए
उनको मेरा सलाम है
अपने खूं से जिस जमीं को सींचा
उन बहादुरों को सलाम है..
जब आँख खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो
जब आँख बंद हो तो यादेँ हिन्दुस्तान की हो
हम मर भी जाए तो कोई गम नही लेकिन
मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो।
खुशनसीब हैं वो जो वतन पर मिट जाते हैं,
मरकर भी वो लोग अमर हो जाते हैं,
करता हूँ उन्हें सलाम ए वतन पे मिटने वालों,
तुम्हारी हर साँस में तिरंगे का नसीब बसता है…
कतरा – कतरा भी दिया वतन के वास्ते ,
एक बूँद तक ना बचाई इस तन के वास्ते ,
यूं तो मरते है लाखो लोग हर रोज़ ,
पर मरना तो वो है जो जान जाये वतन के वास्ते …
इस वतन के रखवाले हैं हम
शेर ए जिगर वाले हैं हम
मौत से हम नहीं डरते
मौत को बाँहों में पाले हैं हम
मेरी धडकनो में धडकता रहे तु,
मेरे देश तुझको नमन है मेरा,
जीऊं तो जुबां पर तेरा नाम हो
मरूं तो तिरंगा कफन हो मेरा।.
Deshbhakti Shayari
ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये
खून से खेलेंगे होली,
अगर वतन मुश्किल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना
अब हमारे दिल में है,
ज़माने भर में मिलते हे आशिक कई ,
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता ,
नोटों में भी लिपट कर, सोने में सिमटकर मरे हे कई ,
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता
खून से खेलेंगे होली,
अगर वतन मुश्किल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना
अब हमारे दिल में है
मैं भारत बरस का हरदम सम्मान करता हूँ,
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ
आज़ादी की कभी शाम ना होने देंगे,
शहीदों की कुर्बानी बदनामी ना होने देंगे,
बची हो जो एक बूंद भी लहू की तब तक
भारत माँ का आँचल नीलाम ना होने देंगे !.
खींच दो अपने ख़ूँ से जमीं पर लकीर
इस तरफ आने पाये ना रावण कोई
तोड़ दो अगर कोई हाथ उठने लगे
छू ना पाये सीता का दामन कोई
राम भी तुम तुम्हीं लक्ष्मण साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो
आओ झुक कर करें सलाम उन्हें,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
कितने खुशनसीब हैं वो लोग,
जिनका खून वतन के काम आता हैं…
अगर मैं जन्म लू दुबारा इंसान में
भगवन देना मिट्टी हिन्दुस्तान की
होंठो पे गंगा हो हाथो में तिरंगा हो
खूब बहती है, अमन की गंगा बहने दो,
मत फैलाओ देश में दंगा रहने दो,
लाल हरे रंग में ना बाटो हमको,
मेरे छत पर एक तिरंगा रहने दो…
Deshbhakti Shayari
तिरंगा है आन मेरी
तिरंगा ही है शान मेरी
तिरंगा रहे सदा ऊँचा हमारा
तिरंगे से है धरती महान मेरी
जो देश के लिए शहीद हुए
उनको मेरा सलाम है
अपने खूं से जिस जमीं को सींचा
उन बहादुरों को सलाम है
सुन्दर है जग में सबसे, नाम भी सबसे न्यारा है
वो देश हमारा है, वो देश हमारा है
जहाँ जाति भाषा से बढ़कर देशप्रेम की धारा है
वो देश हमारा है, वो देश हमारा है
इस तिरंगे को कभी मत तुम झुकने देना,
देश की बढ़ती शान को तुम कभी न रुकने देना,
यही अरमान है बस अब इस दिल में, कि ऐसे ही आगे तुम बढ़ते रहना।
Desh Bhakti Shayari In Hindi
अधिकार मिलते नहीं लिए जाते हैं
आजाद हैं मगर गुलामी किये जाते हैं
वंदन करो उन सेनानियों को
जो मौत के आँचल में जिए जाते हैं
जो देश के लिए शहीद हुए
उनको मेरा सलाम है
अपने खूं से जिस जमीं को सींचा
उन बहादुरों को सलाम है..
तेरे दामन से जो आये, उन हवाओं को सलाम
चूम लूँ मैं उस जुबां को जिस पे आये तेरा नाम
सबसे सुन्दर सुबह तेरी
सबसे सुन्दर तेरी शाम
तुझ पे दिल कुरबान
ऐ मेरे प्यारे वतन,
ऐ मेरे पिछड़े चमन
तुझ पे दिल कुर्बान।।
ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये….
नफरत की भावना को भी बड़े प्यार से सहते है,
ये देश नहीं मेरी जान है,
जिसे हिन्दुस्तान कहते है।
दिलों की नफरत को निकालो
वतन के इन दुश्मनों को मारो
ये देश है खतरे में ए -मेरे -हमवतन
भारत माँ के सम्मान को बचा लो
उड़ जाती है नींद ये सोचकर
कि सरहद पे दी गयीं वो कुर्बानियां
मेरी नींद के लिए थीं
Desh Bhakti Shayari In Hindi
इश्क तो करता है हर कोई
महबूब पे तो मरता है हर कोई
कभी वतन को महबूब बना के देखो
तुझ पे मरेगा हर कोई
तिरंगा है आन मेरी
तिरंगा ही है शान मेरी
तिरंगा रहे सदा ऊँचा हमारा
तिरंगे से है धरती महान मेरी
सुंदर है जग में सबसे,
नाम भी न्यारा है जहां जाती-भाषा से बढ़कर,
देश-प्रेम की धारा है निशचल,
पावन, प्रेम पुराना,
वो भारत देश हमारा है।
इश्क तो करता है हर कोई
महबूब पे तो मरता है हर कोई
कभी वतन को महबूब बना के देखो
तुझ पे मरेगा हर कोई
लिख रहा हूं मैं अजांम जिसका कल आगाज आयेगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा इकंलाब लाऐगा
मैं रहूँ या ना रहूँ पर ये वादा है तुमसे मेरा कि,
मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आयेगा
सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा
हम बुलबुलें हैं उसकी वो गुलसिताँ हमारा।
परबत वो सबसे ऊँचा
हमसाया आसमाँ का
वो संतरी हमारा वो पासबाँ हमारा …
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| Shayari Desh Bhakti |
कर चले हम फ़िदा जाने तन साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो
मैं मुल्क की हिफाजत करूँगा
ये मुल्क मेरी जान है
इसकी रक्षा के लिए
मेरा दिल और जां कुर्बान है
Desh Bhakti Shayari In Hindi
खींच दो अपने ख़ूँ से जमीं पर लकीर
इस तरफ आने पाये ना रावण कोई
तोड़ दो अगर कोई हाथ उठने लगे
छू ना पाये सीता का दामन कोई
राम भी तुम तुम्हीं लक्ष्मण साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो
खून से खेलेंगे होली,
अगर वतन मुश्किल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना
अब हमारे दिल में है,,
कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
कुछ नशा मातृभूमि की मान का है,
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा,
नशा ये हिन्दुस्तान की शान का है…
जिंदगी है कल्पनाओं की जंग
कुछ तो करो इसके लिए दबंग
जियो शान से भरो उमंग
लहराओ सबसे दिलों में देश के लिए तिरंग
उनके हौंसले का मुकाबला ही नहीं है कोई
जिनकी कुर्बानी का कर्ज हम पर उधार है
आज हम इसीलिए खुशहाल हैं क्यूंकि
सीमा पे जवान बलिदान को तैयार है….
चढ गये जो हंसकर सूली,
खाई जिन्होने सीने पर गोली,
हम उनको प्रणाम करते हैं.
जो मिट गये देश पर,
हम उनको सलाम करते हैं.
Desh Bhakti Shayari In Hindi
ऐ मेरे प्यारे वतन,
ऐ मेरे पिछड़े चमन
तुझ पे दिल कुर्बान
इस वतन के रखवाले हैं हम
शेर ए जिगर वाले हैं हम
मौत से हम नहीं डरते
मौत को बाँहों में पाले हैं हम
वन्दे मातरम…
उनके हौंसले का मुकाबला ही नहीं है कोई
जिनकी कुर्बानी का कर्ज हम पर उधार है
आज हम इसीलिए खुशहाल हैं क्यूंकि
सीमा पे जवान बलिदान को तैयार है…
अधिकार मिलते नहीं लिए जाते हैं
आजाद हैं मगर गुलामी किये जाते हैं
वंदन करो उन सेनानियों को
जो मौत के आँचल में जिए जाते हैं
मुझे ना तन चाहिए, ना धन चाहिए
बस अमन से भरा यह वतन चाहिए
जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए
और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये
* जय-हिन्द *
कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
कुछ नशा मातृभूमि की मान का है,
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा,
नशा ये हिन्दुस्तान की शान का है…
खुशनसीब हैं वो जो वतन पर मिट जाते हैं,
मरकर भी वो लोग अमर हो जाते हैं,
करता हूँ उन्हें सलाम ए वतन पे मिटने वालों,
तुम्हारी हर साँस में तिरंगे का नसीब बसता है…
जब देश में थी दिवाली, वो झेल रहे थे गोली
जब हम बैठे थे घरों में, वो खेल रहे थे होली
क्या लोग थे वो अभिमानी
है धन्य वो उनकी जवानी
उड़ जाती है नींद ये सोचकर
कि सरहद पे दी गयीं वो कुर्बानियां
मेरी नींद के लिए थीं
भारत माँ की जय कहना,
अपना सौभाग्य समझता हूँ
अपना जीना मरना अब सब
तेरे नाम ऐ “तिरंगा” करता हूँ
भारत माता की जय !!
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| Desh Bhakti Ki Shayari |
तीन रंग का नही वस्त्र,
ये ध्वज देश की शान है,
हर भारतीय के दिलो का स्वाभिमान है,
यही है गंगा, यही है हिमालय,
यही हिन्द की जान है,
और तीन रंगों में रंगा हुआ ये अपना हिन्दुस्तान है
इतनी सी बात हवाओं को बताये रखना
रौशनी होगी चिरागों को जलाये रखना
लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने
ऐसे तिरंगे को हमेशा दिल में बसाये रखना
Desh Bhakti Shayari In Hindi
करता हूँ भारत माता से गुजारिश, हमेशा यही कि,
तेरी भक्ति के सिवा कोई बंदगी कभी न मिले,
हर जन्म मिले हिन्दुस्तान की पावन धरती पर,
या फिर कभी मुझे ज़िन्दगी ही न मिले।
मैं मर जाऊँ तो सिर्फ मेरी इतनी पहचान लिख देना,
मेरे खून से मेरे माथे पर जन्म स्थान लिख देना,
कोई पूछे तुमसे स्वर्ग के बारे में तो,
एक कागज के टुकड़े में हिन्दुस्तान लिख देना।
मेरे देश तुझको नमन है मेरा,
जीऊं तो जुबां पर नाम हो तेरा
मरूं तो तिरंगा कफन हो मेरा
मैं भारतवर्ष का हरदम अमिट सम्मान करता हूँ
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ।
लड़े जंग वीरों की तरह,
जब खून खौल फौलाद हुआ |
मरते दम तक डटे रहे वो,
तब ही तो देश आजाद हुआ ||
आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे
शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे
बची हो जो एक बूंद भी लहू की
तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे
मैं अपने देश का हरदम सम्मान करता हूँ,
यहाँ की मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे डर नहीं है अपनी मौत से,
तिरंगा बने कफ़न मेरा,
यही अरमान रखता हूँ।
एक सैनिक ने क्या खूब कहा है,
किसी गजरे की खुशबु को महकता छोड़ आया हूँ,
मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूँ,
मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ऐ भारत माँ,
मैं अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़ आया हूँ।
देश की हिफाजत मरते दम तक करेंगे
दुश्मन की हर गोली का हम सामना करेंगे
आजाद हैं और आजाद ही रहेंगें
जय हिन्द !!
लहराएगा तिरंगा अब सारे आसमान पर
भारत का ही नाम होगा सबकी जुबान पर
ले लेंगे उसकी जान या खेलेंगे अपनी जान पर
कोई जो उठाएगा आँख हिंदुस्तान पर
चाहत है मेरी हसीन जिंदगी के ऐसी इक शाम आये,
देश की सरहद से मौत का मेरी पैगाम आगे,
वैसे तो अनेको लोग मरतें है मोहब्बत के नाम,
पर खावहिश यही है मेरा खून देश के काम आये।
देशभक्तों से ही देश की शान है
देशभक्तों से ही देश का मान है
हम उस देश के फूल हैं यारों
जिस देश का नाम हिंदुस्तान है
Desh Bhakti Shayari In Hindi
गुलाम बने इस देश को आजाद तुमने कराया है
सुरक्षित जीवन देकर तुमने कर्ज अपना चुकाया है
दिल से तुमको नमन हैं करते
ये आजाद वतन जो दिलाया है
Shayari Desh Bhakti
इस तिरंगे को कभी मत तुम झुकने देना,
देश की बढ़ती शान को तुम कभी न रुकने देना,
यही अरमान है बस अब इस दिल में,
कि ऐसे ही आगे तुम बढ़ते रहना।
लुटेरा है अगर आजाद तो अपमान सबका है,
लुटी है एक बेटी तो लुटा सम्मान सबका है,
बनो इंसान पहले छोड़ कर तुम बात मजहब की,
लड़ो मिलकर दरिंदों से ये हिंदुस्तान सबका है।
आज फिर कयामत होगी
महफिल तुम्हारी होगी दोस्त भी तुम्हारे होंगे
बस चर्चे हमारे हिंदुस्तान के होंगे।
ऐ मेरे वतन के लोगो
तुम खूब लगा लो नारा,
ये शुभ दिन है हम सब का
लहराओ तिरंगा प्यारा,
पर मत भूलो सीमा पर
वीरों ने प्राण गवाए,
कुछ याद उन्हें भी कर लो
जो लौट के घर ना आये।
मैं मुस्लिम हूँ, तू हिन्दू है, हैं दोनों इंसान,
ला मैं तेरी गीता पढ़ लूँ, तू पढ ले कुरान,
अपने तो दिल में है दोस्त, बस एक ही अरमान,
एक थाली में खाना खाये सारा हिन्दुस्तान।
Desh Bhakti Shayari In Hindi
मेरा दिल मेरी धड़कन मेरी जान हो तुम
अब तो मेरे वजूद की पहचान हो तुम
ए मेरे भारत देश महान हो तुम महान हो तुम।
तूफान कभी शांत नहीं होते
आंधियों से जो डर जाए वो मुकाम नहीं होते
जो देश के झंडे को सलाम नहीं करते
वो सच्चे इंसान नहीं होते।
खून से खेलेंगे होली,
अगर वतन मुश्किल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना
अब हमारे दिल में है।
जो देश के लिए शहीद हुए
उनको मेरा सलाम है
अपने खूं से जिस जमीं को सींचा
उन बहादुरों को सलाम है।
दोस्तों… एक सैनिक ने क्या खूब कहा है…
किसी गजरे की खुशबू को महकता छोड़ आया हूँ,
मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूँ,
मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना… ऐ भारत माँ,
मैं अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़ आया हूँ।
एक दिया उनके भी नाम का
रख लो पूजा की थाली में,
जिनकी सांसे थम गई हैं
भारत माँ की रखवाली में।
Desh Bhakti Shayari In Hindi
कर जस्बे को बुलंद जवान
तेरे पीछे खड़ी आवाम
हर पत्ते को मार गिरायेंगे
जो हमसे देश बटवायेंगे।
मैं मुल्क की हिफाजत करूँगा
ये मुल्क मेरी जान है
इसकी रक्षा के लिए
मेरा दिल और जां कुर्बान है।
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| Desh Bhakti Shayari Hindi |
आज मुझे फिर इस बात का गुमान हो,
मस्जिद में भजन मंदिरों में अज़ान हो,
खून का रंग फिर एक जैसा हो,
तुम मनाओ दिवाली मेरे घर रमजान हो।
चिराग जलते है तो जलने दो
आसमां रोशन होता है होने दो
बंद करो हिन्दू मुस्लिम को बाटने का धंधा
अब हमे मिलजुलकर एक तिरंगे के नीचे रहने दो।
बड़े अनमोल हे ये खून के रिश्ते
इनको तू बेकार न कर,
मेरा हिस्सा भी तू ले ले मेरे भाई
घर के आँगन में दीवार ना कर।
आरजू बस यही है
मेरी हर सांस देश के नाम हो
जो सिर उठे तो मेरे सामने तिरंगा हो
जो सिर झुके तो वतन को प्रणाम हो।
इश्क तो करता है हर कोई,
महबूब पर मरता है हर कोई,
कभी वतन को महबूब बना कर देखो,
फिर तुझ पर मरेगा हर कोई।
गूंज रहा है दुनिया में भारत का नगाड़ा,
चमक रहा आसमान में देश का सितारा,
आजादी के दिन आओ मिलकर करें दुआ,
की बुलंदी पर लहराता रहे तिरंगा हमारा।
Desh Bhakti Shayari In Hindi
मुझे तन चाहिए न धन चाहिए,
बस अमन से भरा ये वतन चाहिए,
जब तक जिंदा रहूँ इस मात्रभूमि के लिए,
और जब मरू तो तिरंगा कफ़न चाहिए।
ना सरकार मेरी है ना रौब मेरा है,
ना बड़ा सा नाम मेरा है,
मुझे तो एक छोटी सी बात का गौरव है,
मै हिन्दुस्तान का हूँ और हिन्दुस्तान मेरा है।
जय हिन्द
जहाँ पक्षपात के फैले जाल होते हैं,
वहाँ हुनरमंदों के सपने बेहाल होते हैं,
वो मुल्क़ कभी तरक्की नहीं कर सकता,
जहाँ के वज़ीर ही दलाल होते हैं।
ना दे दौलत, ना दे शोहरत कोई शिकवा नहीं
बस भारत मां की संतान बना देना,
हो जाऊं शहीद तो बस तिरंगे में लिपटा देना।
दिल हमारे एक हैं एक ही है हमारी जान,
हिंदुस्तान हमारा है हम हैं इसकी शान,
जान लुटा देंगे वतन पे हो जायेंगे कुर्बान,
इसलिए हम कहते हैं मेरा भारत महान।
वीरों ने बलिदान दिया था हिन्दुस्तान बनाने को
तुमने हिन्दू-मुस्लिम बना दिया
छोड़ो ये मजहबी झगड़े, आओ सब मिलकर
फिर नया हिन्दुस्तान बना दे।
जुनून नहीं इश्क हो तुम मेरा
तिरंगा नहीं शान हो तुम मेरी
मां नहीं जान हो तुम मेरी।
ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये।
ज़माने भर में मिलते हे आशिक कई,
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता,
नोटों में भी लिपट कर, सोने में सिमटकर मरे हे कई,
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता।
हम वो वीर नौजवान है
जो भारत मां की तरफ आंख उठाने वाले का
जहानुम तक पीछा नहीं छोड़ते।
खुशनसीव हैं वो जो
वतन पे मिट जाते हैं,
मर कर भी वो लोग
अमर हो जाते हैं,
करता हूँ तुम्हे सलाम
ऐ वतन पर मिटने वालो,
तुम्हारी हर सांस में बसना
तिरंगे का नसीव है।
जय हिन्द…!
Desh Bhakti Shayari In Hindi
आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे,
शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे,
बची हो जो एक बूँद भी लहू की तब तक,
भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे।
जन्नत से बढकर वतन कर ले
जय हिंद जय हिंद, वंदेमातरम्
अमर शहीदों को नमन कर ले।
उनके हौसले का भुगतान क्या करेगा कोई,
उनकी शहादत का क़र्ज़ देश पर उधार है,
आप और हम इस लिए खुशहाल हैं क्योंकि,
सीमा पे सैनिक शहादत को तैयार हैं।
दोस्ताना इतना बरकरार रखो कि,
मजहब बीच में न आये कभी,
तुम उसे मंदिर तक छोड़ दो ,
वो तुम्हें मस्जिद छोड़ आये कभी।
हर पत्ते पर तेरा नाम लिख दूंगा
जो आंख उठेगी तेरी तरफ
वो हर एक आंख को बंद कर दूंगा
देश के खातिर अपने आप को कुर्बान कर दूंगा।
कुछ हाथ से मेरे निकल गया,
वो पलक झपक के छिप गया,
फिर लाश बिछ गयी लाखों की,
सब पलक झपक के बदल गया।
जब रिश्ते राख में बदल गए,
इंसानियत का दिल दहल गया,
मैं पूछ पूछ के हार गया,
क्यूँ मेरा भारत बदल गया?
दिलों की नफरत को निकालो,
वतन के इन दुश्मनों को मारो,
ये देश है खतरे में ए -मेरे -हमवतन,
भारत माँ के सम्मान को बचा लो!!
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| Desh Bhakti Shayari Hindi Mein |
जब तक सांसे चले भारत मां तुझे प्रणाम करूं,
अगर हो जाऊं शहीद तो
तिरंगे में लिपटकर तेरा गुणगान करूं।
जब आँख खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो:
जब आँख बंद हो तो यादेँ हिन्दुस्तान की हो:
हम मर भी जाए तो कोई गम नही लेकिन,
मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो।
दुश्मन की औकात नहीं थी
ये तो देश के गद्दारों ने ही खंजर घोपा है
दुश्मन को बाद में पहले गद्दारों को मिटाना है।
Desh Bhakti Ki Shayari
जब मुल्ला को मस्जिद में राम नजर आए,
जब पंडित को मंदिर में रहमान नजर आए,
सुरत ही बदल जाए इस दुनिया की,
अगर इंसान को इंसान में इंसान नजर आए।
तीन रंग का नही वस्त्र,
ये ध्वज देश की शान है,
हर भारतीय के दिलो का स्वाभिमान है,
यही है गंगा, यही है हिमालय,
यही हिन्द की जान है,
और तीन रंगों में रंगा हुआ ये अपना हिन्दुस्तान है।
Desh Bhakti Shayari In Hindi
सुंदर है जग में सबसे,
नाम भी न्यारा है जहां जाती-भाषा से बढ़कर,
देश-प्रेम की धारा है निशचल,
पावन, प्रेम पुराना,
वो भारत देश हमारा है।
लुटेरा है अगर आजाद, तो अपमान सबका है,
लुटी है एक बेटी, तो लुटा सम्मान सबका है,
बनो इंसान पहले छोड़ कर तुम बात मजहब की,
लड़ो मिलकर दरिंदों से ये हिंदुस्तान सबका है।
मैं अपने देश का हरदम सम्मान करता हूँ,
यहाँ की मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे डर नहीं है अपनी मौत से,
तिरंगा बने कफ़न मेरा,
यही अरमान रखता हूँ।
जब आँख खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो,
जब आँख बंद हो तो यादेँ हिन्दुस्तान की हो,
हम मर भी जाए तो कोई गम नही लेकिन,
मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो।
तमन्ना बस एक ही है,
की दम निकले तो भारत माँ के चरणों में,
कफन मिले तो तिरंगे से ही लिपटे।।।
ना सरकार मेरी है, ना रौब मेरा है,
ना बड़ा सा नाम मेरा है,
मुझे तो एक छोटी सी बात का गौरव है,
मै “हिन्दुस्तान” का हूँ
और “हिन्दुस्तान” मेरा है।
जय हिन्द
नफरत बुरी है न पालो इसे,
दिलो में खालिश है निकालो इसे,
न तेरा न मेरा न इसका न उसका,
ये सबका वतन है संभालों इसे।
Desh Bhakti Shayari In Hindi
दिल हमारे एक हैं एक ही है हमारी जान,
हिन्दुस्तान हमारा है, हम हैं इसकी शान,
जान लुटा देंगे वतन पे हो जाएंगे कुर्बान,
इसलिए हम कहते हैं मेरा भारत महान।
वो जिंदगी ही क्या जिसमे
मोहब्बत वतन की सिमटी न हो,
वो मौत ही क्या जो तिरंगे में लिपटी न हो।
इतना भी मत मरो सनम बेवफा के लिए,
दो गज जमीन भी नहीं मिलेगी दफ़न के लिए,
मरना है तो मरो अपने वतन के लिए,
हसीना भी दुपट्टा निकाल देगी कफ़न के लिए।
एक सैनिक ने क्या खूब कहा है,
किसी गजरे की खुशबु को महकता छोड़ आया हूँ,
मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूँ,
मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ऐ भारत माँ,
मैं अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़ आया हूँ।
है नमन उनको कि जो यशकाय को अमरत्व देकर,
इस जगत में शौर्य की जीवित कहानी हो गये हैं,
है नमन उनको जिनके सामने बौना हिमालय,
जो धरा पर गिर पड़े पर आसमानी हो गये हैं.
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| Desh Bhakti Shayari In Hindi |
छोड़ो कल की बातें कल की बात पुरानी,
नये दौर में लिखेंगे हम मिलकर नई कहानी,
हम हिंदुस्तानी हम हिंदुस्तानी।।।
Desh Bhakti Shayari In Hindi
दोस्ताना इतना बरकरार रखो कि
मजहब बीच में न आये,
कभी तुम उसे मंदिर तक छोड़ दो,
वो तुम्हें मस्जिद छोड़ आये कभी।
कोई हस्ती कोई मस्ती कोई चाह पे मरता है,
कोई नफरत कोई मोहब्बत कोई लगाव पे मरता है,
यह देश है उन दीवानों का,
यहाँ हर बन्दा अपने वतन पे मरता है।
चलो फिर से आज वो नज़ारा याद कर लें,
शहीदों के दिल में थी वो ज्वाला याद कर लें,
जिसमें बहकर आजादी पहुंची थी किनारे,
देशभक्तों के खून की वो धारा याद कर लें।
करता हूँ भारत माता से गुजारिश, हमेशा यही कि,
तेरी भक्ति के सिवा कोई बंदगी कभी न मिले,
हर जन्म मिले हिन्दुस्तान की पावन धरती पर,
या फिर कभी मुझे ज़िन्दगी ही न मिले।
किसी गजरे की खुशबू को महकता छोड़ आया हूँ,
मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूँ,
मुझे छाती से अपनी तू लगा ले ये भारत माँ,
मैं अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़ आया हूँ।
किसी को लगता हैं हिन्दू ख़तरे में हैं,
किसी को लगता मुसलमान ख़तरे में हैं,
धर्म का चश्मा उतार कर देखो यारों,
पता चलेगा हमारा हिंदुस्तान ख़तरे में हैं.
कुछ पन्ने इतिहास के
मेरे मुल्क के सीने में शमशीर हो गएँ,
जो लड़े, जो मरे वो शहीद हो गएँ,
जो डरे, जो झुके वो वजीर हो गएँ.
वो चिराग हूँ मैं, जो हर तूफान जलता हूँ,
महबूब-ए-वतन के खातिर सीना तान चलता हूँ
और मुझे क्या मारेगा ये मेरे दुश्मन,
मै बसा के सीने में हिंदुस्तान चलता हूँ।
ये धरती है अपनी ये वतन है अपना,
इसकी ओर कोई आँख उठकर देखेगा,
उसे ज़िन्दा ही जाला दिया जायेगा,
इतना प्यारा है मुझे अपना ये वतन।।।
Desh Bhakti Shayari In Hindi
कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
कुछ नशा मातृभूमि की शान का है,
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा,
नशा ये हिंदुस्तान के सम्मान का है।
नशा कुछ तिरंगे की शान का है,
नशा कुछ मातृभूमि के सम्मान का है,
गर्व है मुझे की मुझमें हिंदुस्तान बसा है।।।
लड़ें वो बीर जवानों की तरह,
ठंडा खून फ़ौलाद हुआ,
मरते-मरते भी की मार गिराए,
तभी तो देश आज़ाद हुआ.
चिंगारी आजादी की सुलगी मेरे जश्न में हैं,
इन्कलाब की ज्वालाएं लिपटी मेरे बदन में हैं,
मौत जहाँ जन्नत हो ये बात मेरे वतन में हैं,
कुर्बानी का जज्बा जिन्दा मेरे कफन में हैं.
आओ झुक कर सलाम करे उनको,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होता है वो खून,
जो देश के काम आता है।
ये देश से ही तो एक प्यार है,
वर्ना यहाँ सब के बीच तकरार है,
इस देश के लिए हम मरने को भी तैयार है,
एक बार मौका तो दे फिर देख,
ये देश द्रोही को वॉर के लिए ललकार है।
न दे दौलत न दे शोहरत कोई शिकवा नहीं,
बस भारत माँ की संतान बना देना,
हो जाऊँ शहीद तो बस तिरंगे में लिपटा देना।
ना जियो धर्म के नाम पर,
ना मरो धर्म के नाम पर,
इंसानियत ही है धर्म वतन का,
बस जियो वतन के नाम पर।
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| Shayari Desh Bhakti |
Desh Bhakti Shayari In Hindi
खुले आँखे जब मेरी तो धरती हिंदुस्तान की हो,
बंद हो आँखे जब मेरी तो धरती हिंदुस्तान की हो,
अगर मर भी जाये हम तो कुछ गम न हो,
पर मिट्टी हिंदुस्तान की हो।।।
सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा,
हम बुलबुले हैं उसकी वो गुलसिताँ हमारा,
परबत वो सबसे ऊँचा
हमसाया आसमाँ का
वो संतरी हमारा वो पासबाँ हमारा।
जय हिन्द
नफरत की भावना को भी बड़े प्यार से सहते है,
ये देश नहीं मेरी जान है,
जिसे हिन्दुस्तान कहते है।
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में हैं,
देखना हैं जोर कितन बाजू-ए-कातिल में हैं,
वक्त आने दे बता देंगे तुझे ए आसमां,
हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में हैं.
जो है सौ चुके उन्हें है जगाना,
देशभक्ति को हर देशवासी की साँसो में है बसाना,
अपने देश के तिरंगे को पुरे विश्व में है फैराना।।।
मैं मर जाऊँ तो सिर्फ मेरी इतनी पहचान लिख देना,
मेरे खून से मेरे माथे पर जन्म स्थान लिख देना,
कोई पूछे तुमसे स्वर्ग के बारे में तो,
एक कागज के टुकड़े में हिन्दुस्तान लिख देना।
है इस वतन के रखवाले हम,
है न मौत से डरने वाले हम,
है मौत के पाले हम।।।
Desh Bhakti Shayari In Hindi
तिरंगा है आन मेरी, तिरंगा ही है शान मेरी,
तिरंगा रहे सदा ऊँचा हमारा,
तिरंगे से है धरती महान मेरी।
अगर माटी के पुतले देह में ईमान जिन्दा हैं,
तभी इस देश की समृद्धि का अरमान जिन्दा हैं,
ना भाषण से है उम्मीदें ना वादों पर भरोसा हैं,
शहीदों की बदौलत मेरा हिन्दुस्तान जिन्दा है.
कुछ पन्ने पढ़ कर इतिहास के,
मेरे मुल्क के सीने में शमशीर हो गए,
जो लड़े जो मरे वो शहीद हो गए,
जो डरे जो झुके वो वजीर हो गए।
चलो फिर से आज वो नजारा याद कर लें,
शहीदों के दिल में थी वो वाला याद कर लें,
जिसमें बहकर आजादी पहुंची थी किनारे पर,
देशभक्तों के खून की वह धारा याद कर लें।
आओ झुककर सलाम करे उनको,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होते हैं वो लोग,
जिनका लहू इस देश के काम आता है।
मै भारतवर्ष का हरदम हरपल सम्मान करता हूँ,
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा,
बस यही अरमान रखता हूँ।
चाहत है मेरी हसीन जिंदगी के ऐसी इक शाम आये,
देश की सरहद से मौत का मेरी पैगाम आगे,
वैसे तो अनेको लोग मरतें है मोहब्बत के नाम,
पर खावहिश यही है मेरा खून देश के काम आये।।।
बलिदानों का सपना जब सच हुआ,
देश तभी आजाद हुआ,
आज सलाम करे उन वीरों को,
जिनकी शहादत से ये भारत गणतंत्र हुआ।
सुन्दर है जग में सबसे, नाम भी सबसे न्यारा है,
वो देश हमारा है, वो देश हमारा है।
जहाँ जाति भाषा से बढ़कर, देशप्रेम की धारा है,
वो देश हमारा है, वो देश हमारा है।
Desh Bhakti Shayari In Hindi
गूंजे कहीं पर शंख,
कही पे अजाँ हैं,
बाइबिल है, ग्रंथ साहब है,
गीता का ज्ञान हैं,
दुनिया में कहीं और यह मंजर नसीब नहीं,
दिखाओ जमाने को यह हिन्दुस्तान हैं।
जिसे सींचा लहू से है वो यूँ खो नहीं सकती,
सियासत चाह कर विष बीज हरगिज बो नहीं सकती,
वतन के नाम पर जीना वतन के नाम मर जाना,
शहादत से बड़ी कोई इबादत हो नहीं सकती.
Desh Bhakti Shayari Hindi
कहते हैं अलविदा हम अब इस जहान को,
जा कर ख़ुदा के घर से अब आया न जाएगा,
हमने लगाई आग हैं जो इंकलाब की,
इस आग को किसी से बुझाया ना जाएगा.
किसी गजरे की खुशबु को महकता छोड़ आया हूँ
मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूँ
मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ऐ भारत माँ
मैं अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़ आया हूँ !!
उन वीर सैनिको के लिए दुआ करो दोस्तो
जो सरहद पर दिन रात जग रहे है
तभी हम अपने घरो में चैन की नींद सो रहे है..!
खूब बहती हैं अमन की गंगा बहने दो,
मत फैलाओ देश में दंगा रहने दो,
लाल हरे रंग में ना बाटो हमको,
मेरे छत पर एक तिरंगा रहने दो.
दिलों की नफरत को निकालो
वतन के इन दुश्मनों को मारो
ये देश है खतरे में ए-मेरे -हमवतन
भारत माँ के सम्मान को बचा लो !!
Desh Bhakti Shayari In Hindi
हर दफा माफ ना करते
जो नेक हमारा ईमान ना होता
कई वतन मिट गए होते
जो मन हमारा हिंदुस्तान ना होता..!
भारत का वीर जवान हूँ मैं,
ना हिन्दू, ना मुसलमान हूँ मैं,
जख्मो से भरा सीना हैं मगर,
दुश्मन के लिए चट्टान हूँ मैं,
भारत का वीर जवान हूँ मैं.
चढ़ गये जो हँसकर सूली, खाई जिन्होंने सीने पर गोली,
हम उनको प्रणाम करे हैं, जो मिट गये देश पर,
हम सब उनको सलाम करते हैं.
लड़े जंग वीरों की तरह
जब खून खौल फौलाद हुआ
मरते दम तक डटे रहे वो
तब ही तो देश आजाद हुआ !!
आओ झुककर सलाम करे उनको,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होते हैं वो लोग,
जिनका लहू इस देश के काम आता है.
देश प्रेम की भावना को
सभी के दिल में जगाना है
अपने देश को फिर
से विश्व गुरु बनाना है.!!
दिल से मर कर भी ना निकलेगी
वतन की उल्फ़त मेरी
मिट्टी से भी खुशबू-ए-वतन आएगी !!
मैं मुस्लिम हूँ, तू हिन्दू है,
है दोनों इंसान,
ला मैं तेरी गीता पढ़ लूँ, तू पढ़ ले कुरान,
अपने तो दिल में है दोस्त,
बस एक ही अरमान,
एक थाली में खाना खाए सारा हिन्दुस्तान.
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में हैं
देखना हैं जोर कितना बाजू-ए-कातिल में हैं
वक्त आने दे बता देंगे तुझे ए आसमां
हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में हैं !!
Desh Bhakti Shayari In Hindi
दिल में जूनून आँखों में देशभक्ति की चमक
रखता हूँ दुश्मन की जान निकल जाए
आवाज में इतनी दमक रखता हूँ !
फना होने की इज़ाजत ली नहीं जाती,
ये वतन की मोहब्बत है जनाब…
पूछ के नहीं की जाती.
गीले चावल में शक्कर क्या क्या गिरी,
तुम भिखारी खीर समझ बैठे,
चंद कुत्तो ने पाकिस्तान जिंदाबाद क्या बोला,
तुम कश्मीर को अपने बाप की ज़ागीर समझ बैठे.
जब आँख खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो
जब आँख बंद हो तो यादेँ हिन्दुस्तान की हो
हम मर भी जाए तो कोई गम नही लेकिन
मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो !!
हम अपनी एकता से विश्व को हिलाएंगे
अमन और शांति सारी
दुनिया में लाएंगे..!
मैं मुल्क की हिफाजत करूँगा
ये मुल्क मेरी जान है
इसकी रक्षा के लिए
मेरा दिल और जां कुर्बान है !!
लिख रहा हूँ मैं अंजाम जिसका
कल आगाज आएगा
मेरे लहू का हर एक कतरा
इंकलाब लाएगा !!
चलो फिर से खुद को जगाते हैं,
अनुशासन का डंडा फिर घुमाते हैं,
सुनहरा रंग हैं गणतंत्र का,
शहीदों के लहूँ से,
ऐसे शहीदों को हम सर झुकाते हैं.
चैन ओ अमन का देश है मेरा
इस देश में दंगा रहने दो
लाल हरे में मत बांटो
इसे शान ए तिरंगा रहने दो !!
जो अब तक ना खौला
वो खून नही पानी हैं
जो देश के काम ना आये
वो बेकार जवानी हैं !!
मैं अपने देश का हरदम सम्मान करता हूँ
यहाँ की मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ
मुझे डर नहीं है अपनी मौत से
तिरंगा बने कफ़न मेरा, यही अरमान रखता हूँ।
लड़ें वो बीर जवानों की तरह
ठंडा खून फ़ौलाद हुआ
मरते-मरते भी मार गिराए
तभी तो देश आज़ाद हुआ !!
Desh Bhakti Shayari In Hindi
दे सलामी इस तिरंगे को
जिस से तेरी शान हैं,
सर हमेशा ऊँचा रखना इसका
जब तक दिल में जान हैं…!!!
देशभक्ति की लौ हर हिंदुस्तानी के
दिल में जगाये रखेगे
ऐसे ही इस तिरंगे की शान को
हम बनाये रखेगे.!!
शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले
वतन पे मर मिटने वालों का
बाकी यही निशां होगा !!
ऐ पाक, तेरा ख़्वाब नजारा ही रहेगा,
तू क़िस्मत का मारा है मारा ही रहेगा,
तेरे हर सवाल का जबाब करारा ही रहेगा,
कश्मीर हमारा हैं और हमारा ही रहेगा.
कुछ नशा तिरंगे की आन का हैं,
कुछ नशा मातृभूमि की शान का हैं,
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा,
नशा ये हिन्दुस्तान की शान का हैं.
अपनी आजादी को हम
हरगिज मिटा सकते नही
सर कटा सकते हैं लेकिन
सर झुका सकते नही !!
जंग में जब भी तुम्हारा बलिदान होगा
इतिहास और दिल के पन्नो पर
ऐ सैनिक तुम्हारा नाम होगा..!
फिर उड़ गई नींद मेरी यह सोचकर,
कि जो शहीदों का बहा वो खून
मेरी नींद के लिए था.
वतन की मोहब्बत में खुद
को तपाये बैठे है
मरेगे वतन के लिए शर्त मौत
से लगाये बैठे हैं !!
वतन की मोहब्बत में खुद
को तपाये बैठे है मरेगे वतन
के लिए शर्त मौत से लगाये बैठे है !
जब आँख खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो
जब आँख बंद हो तो यादे हिन्दुस्तान की हो
हम मर भी जाए तो कोई गम नही लेकिन,
मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो।
Desh Bhakti Shayari In Hindi
तीन रंग का नही वस्त्र, ये ध्वज देश की शान हैं,
हर भारतीय के दिलो का स्वाभिमान हैं,
यही है गंगा, यही हैं हिमालय, यही हिन्द की जान हैं,
और तीन रंगों में रंगा हुआ ये अपना हिन्दुस्तान हैं.
देश की हिफाजत मरते दम तक करेंगे
दुश्मन की हर गोली का हम सामना करेंगे
आजाद हैं और आजाद ही रहेंगें !
उनके हौसले का भुगतान क्या करेगा कोई,
उनकी शहादत का कर्ज देश पर उधार हैं,
आप और हम इसलिए खुशहाल हैं
क्योकि सीमा पे सैनिक शहादत को तैयार हैं.
दे सलामी इस तिरंगे को
जिस से तेरी शान है
सर हमेशा ऊँचा रखना इसका
जब तक तुझ में जान है !
देश प्रेम का जज्बा
सबके दिलो में जगायेंगे
अपने नागरिक होने का
फर्ज अच्छे से निभाएंगे.!!
किसी गजरे की खुशबु को महकता छोड़ आया हूँ
मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूँ
मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ऐ भारत माँ
मैं अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़ आया हूँ !
दाबोगे अगर और उभर आयेगा भारत,
हर वार पर कुछ और निखर जायेगा भारत
दस-बीस जाहिलों को ग़लतफ़हमी हुई है,
दो-चार धमाको से ही डर जायेगा भारत.
बस ये बात हवाओं को बताये रखना,
रौशनी होगी चिरागों को जलाए रखना,
लहू देकर भी जिसकी हिफाजत की शहीदों ने,
उस तिरंगे को सदा दिल में बसायें रखना.
आजदी की कभी शाम नही होने देंगे,
शहीदों की कुर्बानी बदनाम नही होने देंगे,
बची हो जो इस बूँद भी गर्म लहू की,
तब तक भारत के आंचल नेलाम नही होने देंगे.
लड़ें वो बीर जवानों की तरह ठंडा खून
फ़ौलाद हुआ मरते-मरते भी कईं
मार गिराए तभी तो देश आज़ाद हुआ !
Desh Bhakti Shayari In Hindi
दिल में भरा है प्यार
मन में उनके लिए सम्मान है
जो सारे जहां से अच्छा है
वो हमारा प्यारा हिंदुस्तान है.!!
तीन रंग का वस्त्र नही, ये ध्वज देश की शान है
हर भारतीय के दिलो का स्वाभिमान है
यही है गंगा, यही हैं हिमालय, यही हिन्द की जान है
और तीन रंगों में रंगा हुआ ये अपना हिन्दुस्तान है
गूँजे कहीं पर शंख,
कही पे अजाँ हैं,
बाइबिल है, ग्रन्थ साहब है,
गीता का ज्ञान हैं,
दुनिया में खी और यह मंजर नसीब नही,
दिखाओ जमाने को यह हिन्दुस्तान हैं.
मैं मुल्क की हिफाजत करूँगा ये मुल्क
मेरी जान है इसकी रक्षा के लिए मेरा
दिल और जान कुर्बान है !
Desh Bhakti Shayari Hindi Mein
इस देश की हिफाज़त ही मेरा ईमान है,
मेरे वतन में ही बसती मेरी जान है,
भारत देश पर कुर्बान है मेरा सब कुछ,
मेरा देश ही मेरी असली पहचान है।
इस बात को हवाओं से बताये रखना,
रौशनी होगी बस चरागों को जलाये रखना,
हमने लहू देकर की है जिसकी हिफाजत,
उस तिरंगे को हमेशा अपने दिल में बसाये रखना।
गददार थें जिन्होनें वों सीमा
पर सरहदी रेखा बनाइं
यूं हीं नहीं स्वतंत्र हुए हे
इसें शहीदों के खून से सींचा हे !!
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| Desh Bhakti Shayari Hindi |
आवों झुक के सलाम करे उनकों
जिनके हिस्से में यह मुकाम आता है
कितने किस्मत वाले है वे लोग
जिनका लहू वतन के काम आता है.
हम अपनी आजादी की कभी शाम ना होने देंगे,
अब इस सोने की चिड़िया को समशान ना होने देंगे,
जब तक बची है एक भी बूंद लहू की मेरी रगों में,
तब तक भारत माता का आंचल नीलाम ना होने देंगे।
Desh Bhakti Shayari In Hindi
हर रोज नया दिन
हर दिन नया पर्व है
विविधताओं से भरे
इस देश पर मुझे गर्व है !!
ये सिर्फ तीन रंग नही ये देश की शान है,
ये तिरंगा हमारे दिलों का स्वाभिमान है,
यही है गंगा यही हैं हिमालय यही हमारी जान है,
तीन रंगों में रंगा ये अपना प्यारा हिन्दुस्तान हैं।
मुझे ना तन चाहिए ना धन चाहिए
बस अमन से भरा यह वतन चाहिए
जब तक जिन्दा रहूं इस मातृ-भूमि के लिए
और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये
पल वो यहाँ के इतिहास के
इस वतन के सीने में स्थापित हो गयें,
जो लड़े, जो भिड़े वो शहीद हो गयें,
जो डरे, जो झुकें वो वजीर हो गयें.
चलो आज फिर से वो नजारा याद कर ले,
शहीदों के दिलों में थी जो ज्वाला उसे याद कर लें,
जिस कस्ती में सवार हो आजादी पहुंची थी किनारे पर,
उन देशभक्तों के खून की वह अविरल धारा याद कर ले।
ऐसा नहीं हैं वतन कोई
जिसनें ये रित हैं अपनाई
देश को कहते हैं माँ
और देशवासियों को भाई
समय आ चूका है अब
सभी को साफ़ साफ़ कहना होगा
देशभक्ति की प्रबल धारा में
हर मन को अब बहना होगा
जिसे लगे ये पराया तिरंगा
मेरा वतन छोड़ जाए
यहाँ तो भारतीय बनकर रहना
होगा ||
खुशनसीब है वो लोग जो वतन के काम आते हैं,
वतन पर मरकर भी ये लोग अमर हो जाते हैं,
सलाम करते हैं हम वतन पर मिटने वालों को,
उनकी वजह से ही हम चैन की सांस ले पाते हैं।
कुछ लोगों को लगता हैं हिन्दू ख़तरे में हैं,
कुछ लोगों को को लगता मुसलमान ख़तरे में हैं,
कभी धर्म का चश्मा उतार कर देखो दोस्तों,
तब पता चलेगा की हमारा हिंदुस्तान ख़तरे में हैं।
Desh Bhakti Shayari In Hindi
मिटा दिया है वजूद उनका
जिसनें भी हमारी तरफ है देखा
वतन की रक्षा का वायदा
किये जवान खड़ा है सरहद पर !!
जिन्हें पयार है मातृभूमि से, वो अपना खून बहाते हे
माँ की चरणों में अपना प्राण न्यौछावर करते हे
देश के लिए हसते हसते अपनी जान दे देते है
वहीँ सपूत अंत में अमर शहीद कहलाते है !!
जो इस देश का करना नमन छोड़ दे,
उससे कह दो की मेरा वतन छोड़ दे,
जिसे उसका मजहब प्यारा है देश नहीं,
वो इस देश की मिट्टी में होना दफन छोड़ दे।
सर-फरोशी ki तमन्ना अब हमारें दिल मे हे
देखना है जोर कितना बाजूए कातिल मे है,
वक्त आनें दें बता देगे तुझें ए आसमा,
हम अभी सें क्या बताए क्या हमारें दिल मे है.
मैं भारत बरस का हरदम सम्मान करता हूँ
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हुँ
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की
तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ
यहाँ आरती हे अजां हे
मुसलमान हे हिन्दू हे
फक्र हे मुझे इस वतन पर
कयोंकि ये मेरा हिन्दुस्थान है !!
मुझे न तन चाहिए न मन चाहिए
अमन से भरा यह वतन चाहिए
जब तक जिन्दा रहू इस मातृभूमि के लिए
और मरु तो तिरंगा कफन चाहियें !!
Desh Bhakti Shayari In Hindi
आजादी की सुलगी चिंगारी मेरे जश्न में हैं,
ज्वालाएं इन्कलाब की लिपटी मेरे बदन में हैं,
अब तो मौत भी आएगी तो सह लेंगे हँस के,
ख़ुशी है की मरने के बाद तिरंगा मेरे कफन में हैं।
वतन हमारा ऐसा कोई ना छोड पाये
रिश्ता हमारा ऐसा कोई न तोड़ पाये
दिल एक है जान एक है हमारी
हिन्दुस्तान हमारा है यह शान हैं हमारी
बर्बाद गुलिस्ताँ करने को बस एक ही उल्लू काफ़ी था
हर शाख़ पे उल्लू बैठा है अंजाम-ए-गुलिस्ताँ क्या होगा
नसीब वाले है वो लोग जो वतन पर मिट जाते है
मरके भी वो लोग अमर हो जाते है
करता हु, उन्हें सलाम ऐ वतन पर मिटने वालों
तुम्हारी हर सास में तिरंगे का नसीब बसता है !!
आजादी की कभी शाम ना होने देंगे
शहीदों की कुर्बानी बदनाम ना होने देंगे
बची है जो एक भी बूंद लहू की तब तक
भारत का आँचल नीलाम ना होने देंगे
तैरना हे तों समुदर में तेरों
नालो मे कया रखा हे
पयार करना हे तो देश सें करों
औंरों मे क्या रखा हे !!
शाम होते ही हम बिस्तर पर चले जाते हैं,
और सूरज ढलते ही वो सीमा पर तैनात हो जाते है।
जय हिन्द | जय हिन्द सेना
इस भारत देश के रखवाले हैं हम,
शेर के जैसे बड़े जिगर वाले हैं हम,
हम कभी मौत से नहीं डरते हैं,
मौत को तो अपनी बाँहों में पाले हैं हम।
छोड़ो दुनिया की परवाहें, करो मोहब्बत
मुश्किल हों कितनी भी राहें, करो मोहब्बत
खून से खेलेंगे होली अगर वतन मुश्किल में है,
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,
देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है।
Desh Bhakti Shayari In Hindi
अब तक जिसका खून न खौला
वह खून नही पानी है
जो वतन के काम न आए
वो बेकार जवानी है !!
उड़ जाती है मेरी नींद ये सोचकर,
कि सरहद पर दी गयीं जवानो की कुर्बानियां,
मेरी नींद के लिए थीं।
सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा,
हम बुलबुलें हैं उसकी वो गुलसिताँ हमारा।
पर्वत वो सबसे ऊँचा हमसाया आसमाँ का,
वो संतरी हमारा वो पासबाँ हमारा,
सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा।
दिखाते हैं पड़ोसी मुल्क आँखें तो दिखाने दो
कहीं बच्चों के बोसे से भी माँ का गाल कटता है
हमे नशा तिरंगें कीं आंन का हे,
कुछ नशाँ मातृभूमि कीं शांन का हे
लहरायेगें यें तिरंगां,
नशा ये भारत माँ के शांन का हे !!
मेरा यही अंदाज जमाने को खलता है
कि चिराग हवा के खिलाफ क्यों जलता है
मै अमन पसंद हू
मेरे शहर में दंगा रहने दो
लाल व हरे में न बाटों
मेरी छत पे तिरंगा रहने दो
जों वतन के कुर्बान के हुए
उन्हें मेरा सलाम हे
इस धरती को जिसने अपने लहू से सींचा
उन् शूरवीरों को मेरा सलाम है !!
उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता
जिस मुल्क की सरहद की निगहबान हैं आँखें
Desh Bhakti Shayari In Hindi
आज़ादी का जोश कभी कम ना होने देंगे
जब भी ज़रूरत पड़ेगी देश के लिए जान लुटा देंगे
क्योंकि भारत हमारा देश है
अब दोबारा इस पर कोई आंच ना आने देंगे
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